Our Library

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Dayanand College Ajmer

एक परिचय

पुस्तकालय किसी शैक्षणिक संस्था का हृदय होता है। इस महाविद्यालय का पुस्तकालय हमारा गौरव है। विभिन्न विद्वानों एवं राजनेताओं ने जिन्होंने इसका अवलोकन किया है, उन्होंने इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की है। विद्वानों और शोध कर्ताओं के लिए महाविद्यालय का पुस्तकालय सबसे अच्छा व सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है | यह बड़ी संख्या में पुस्तकों और शोध पत्रों तथा वार्षिक पत्रिकाओं से युक्त है | इसमें उपयोगकर्ता के अनुकूल पढ़ने के लिए पर्याप्त स्थान है |  इस वर्ष से पुस्तकालय अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया है। पुस्तकालय की निगरानी अब सर्वीलियंस कैमरों द्वारा की जाती है। पुस्तकों से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी पूर्णतया कम्प्यूटरीकृत कर दी गई है, जिससे विद्यार्थी केवल कम्पूटर माउस के क्लिक करने से सारी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।

davajmer
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सुविधाएं 
पुस्तक आदान-प्रदान विभाग
  • पाठकों/ विद्यार्थियों का पुस्तकालय में पंजीयन |
  • खोये  पाठक-पत्रक का इश्यू  करना |
  • खोये  पाठक-पत्रक की सुचना प्राप्त कर तथा नियमानुसार दूसरा इश्यू  करना |
  • पुस्तकों का आरक्षण |
  • विद्यार्थियों को No Dues देना |
  • पाठ्यक्रम एवं विगत वर्षो के विश्वविद्यालय प्रश्न -पत्र उपलब्ध करवाना आदि
  • इश्यू  पुस्तकों की सांख्यंकी करना |
  • विद्यार्थियों को उनके पाठक पत्रों पर पुस्तकें इश्यू करना |
  • खोई अथवा क्षतिग्रस्त पुस्तक की नई प्रति अथवा यथानियम कीमत जमा करवाना |
  • इस काउंटर के सामने बायीं ओर एक काउंटर है जहां अपनी निजी पुस्तके आदि ‘टोकन’ लेकर रख सकते है |
वाचनालय
  • यहाँ हिन्दी, अंग्रेजी एवं अन्य भाषाओं की दैनिक, साप्ताहिक, पाशिक एवं मासिक पत्र-पत्रिकाएँ उपलब्ध  रहेती है | सामान्य रूचि की त्रुष्टि एवं मनोरंजन तथा दैनिक समाचारों हेतु विद्यार्थि यहाँ की पत्र-पत्रिकओं का उपयोग कर सकते है |
मुख्य संग्रह कक्ष
  • पुस्तकालय की सबसे अधिक गतिविधियाँ यहीं होती है | विभिन्न विषयों की पुस्तके विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तकनीकी व्यवस्था के आधार पर खुले रैक्स में सुरक्षित रहेती है | विद्यार्थियों की विशेष सुविधा के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकों को हिन्दी व अंग्रेजी दो भागों में विभाजित कर दिया गया है |

     

पाठ्यपुस्तक और बुक-बैंक विभाग 

मुख्य संग्रह कक्ष से जुड़ा बाँयी ओर एक विशाल कक्ष पाठ्यपुस्तकों और बुक बैंक हेतु है। इसमें विद्यार्थियों के लिए बैठकर अध्ययन करने की पूर्ण व्यवस्था है। ठीक इसके साथ इसी कक्ष में बुक-बैंक की व्यवस्था है, जिसमें प्रत्येक विषय पर विभिन्न लेखकों की अनेक प्रतियाँ उपलब्ध होती हैं। यहाँ से विद्यार्थियों को कुछ शर्तों पर पूरे सत्र के लिए पुस्तकें ‘इश्यू’ की जाती हैं। सुयोग्य मेधावी तथा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को यह सुविधा प्रदान की जाती है।

सन्दर्भ विभाग

इसका विशाल व दुर्लभ संग्रह अमूल्य है। विभिन्न कोश, विश्व कोश, निर्देशिकाएँ, वार्षिकी, मान-चित्रावली, कला सम्बन्धी पुस्तकें तथा अन्य विषयों के उच्च अध्ययन सम्बन्धी लगभग 35000 पुस्तकें इसमें संग्रहित हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए तथा व्यवसायों के चयन हेतु इस विभाग में एक विशेष व्यवस्था है जिसके अधीन प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बन्धित पुस्तकें और पत्रिकाएँ यहाँ उपलब्ध रहती हैं। रोजगार सम्बन्धित सूचनाएँ भी उपलब्ध करायी जाती हैं।

सामयिक विभाग

हमारा सामयिकी विभिन्न देशों और विदेशी 115 पत्रिकाओं का संग्रह करता है। इसमें विज्ञान, कृषि, तकनीकी, समाजशास्त्र और कला एवं साहित्य सम्बन्धी महत्वपूर्ण सामयिकी का समावेश है। हमारा हर सम्भव प्रयास रहता है कि प्रत्येक विषय की सामयिकी का समावेश हो एवं प्रत्येक विषय की सामयिकी को विह्म्ीय स्थिति के अनुसार प्रतिनिधित्व मिले।

प्रशासनिक और तकनीकी विभाग
हमारे कॉलेज पुस्तकालय डॉ एद्यआर रंगनाथन के पुस्तकालय विज्ञान प्रतिपादित पाँच सिद्धान्त—

पुस्तकें उपयोग के लिए हैं।
प्रत्येक पाठक को उसकी पुस्तक मिले।
प्रत्येक पुस्तक को उसका पाठक मिले।
पाठक का समय बचाओ।
पुस्तकालय एक वर्द्धनशील संस्था है

फोटोस्टेट, इन्टरनेट एवं अन्य सेवाएँ

दयानन्द महाविद्यालय पुस्तकालय में फोटोस्टेट, इन्टरनेट, टंकण, प्रिटिंग, फोन इत्यादि सेवाएँ पुस्तकालय उपयोगकर्ताओं को प्रदान की जाती हैं ये सभी सेवाएँ भुगतान पर आधारित सेवाएँ हैं।

दयानन्द महाविद्यालय पुस्तकालय में मुख्य रूप से निम्न सेवाएँ दी जाती हैं—
  1. Photo Stat फोटो स्टेट
  2. Internet इन्टरनेट 
  3. Typing टाइपिंग
  4. STD / PCO
  5. Spiral Binding स्पाइरिल बाइडिंग
प्रमुख नियम
  • 1. सदस्यता—महाविद्यालय का प्रत्येक विद्यार्थी कार्यालय में आवश्यक निर्धारित शुल्क जमा करवा कर प्रवेश-पत्र प्राप्त करेगा। उन्हें लेकर वह पुस्तकालयाध्यक्ष द्वारा प्रवेश-पत्र पर हस्ताक्षर करवा कर उसे पुस्तकालय काउण्टर पर पंजीयन हेतु प्रस्तुत करेगा।
  • 2. पाठक-पत्र—पंजीयन के पश्चात् विद्यार्थियों को निश्वन प्रकार पाठक-पत्रक इश्यू किये जायेंगे।
  • (क) स्नातक 2 पाठक-पत्रक
  • (ख) स्नातकोह्मर कक्षा के विद्यार्थी 2 पाठक-पत्रक
  • 3. पाठक-पत्रकों, पुस्तकों को इश्यू किया जाना—
  • (क) पाठक-पत्रक अहस्तान्तरणीय है। यह सिर्फ एक सत्र के लिए पाठकों को दिये जाते हैं। उनके नष्ट होने या खो जाने की सूचना अविलम्ब लिखित रूप में पुस्तकालय को देनी चाहिए। दूसरा पाठक-पत्रक सामान्यता नहीं दिया जायेगा। किन्तु विशेष परिस्थिति में 10 दिनों के बाद प्रति पत्रक पचास रुपया जमा करवाने पर मिलेगा।
  • (ख) पाठक-पत्रक पर इश्यू की गई पुस्तक की पूरी जिम्मेदारी उसके धारक की होती है। इसलिए विद्यार्थियों को उसे पूरी सावधानी से सुरक्षित रखना चाहिए। पुस्तकालय कर्मचारी इस सम्बन्ध में सावधान रहकर विद्यार्थी को सहयोग मात्र दे सकता है।
  • (ग) पाठक-पत्रक पर प्रत्येक विद्यार्थी को अपना पासपोर्ट आकार का छाया-चित्र लगाना अनिवार्य है।
  • (घ) विद्यार्थी अपने से सम्बन्धित पुस्तकें अपने पाठक-पत्रकों पर 14 दिनों के लिए इश्यू करवा सकते हैं।
  • 4. (क) निश्चित अवधि के पश्चात् पुस्तक लौटाने पर प्रतिदिन एक रुपये विलश्वब शुल्क लिया जायेगा। यह बुक बैंक में वसूल किया जाता है।
  • (ख) पुस्तक के पन्ने फाडऩा, मोडऩा उन पर कुछ लिखना दण्डनीय अपराध है।
  • (ग) यदि कोई विद्यार्थी पुस्तक के पृष्ठ फाड़ता हुआ पकड़ा गया तो उस पर पुस्तक की दो गुना कीमत एवं सौ रुपये का आर्थिक दण्ड लिया जायेगा तथा महाविद्यालय से निष्कासित भी किया जा सकता है।
  • (घ) यदि कोई विद्यार्थी पुस्तक चुराकर ले जाता हुआ पकड़ा गया तो उस पर पुस्तक की दो गुना कीमत एवं सौ रुपये का आर्थिक दण्ड लिया जायेगा तथा महाविद्यालय से निष्कासित किया जा सकता है।
  • (ङ) आवश्यकता होने पर विद्यार्थी किसी पुस्तक का आरक्षण करवा सकता है।
  • (च) रुपये सौ अथवा इससे कम मूल्य की पुस्तक खोने या क्षति पहँुचाने पर पुस्तक की न्यूनतम कीमत रुपये सौ ही मानी जायेगी।
  • (छ) पुस्तकालय सेवा से सम्बन्धित तथा विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सूचनाएँ समय-समय पर पुस्तकालय सूचना-पट्ट पर लगाई जायेंगी, जो विद्यार्थी के लिए मान्य होंगी।
  • (ज) टोकन खो देने पर रुपये 50 जमा कराना होगा। पुस्तकालय की सुगठित व्यवस्था तथा सक्षम संचालन का सारा श्रेय उसके योग्य, कार्यकुशल तथा अनुभवी कर्मचारियों का है।